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Getting Things Done Book Summary in Hindi – David Allen

Getting Things Done Summary
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Getting Things Done पुष्तक लोगों की productivity बढ़ाने और सारे जरुरी कामों को समय से निपटाने में अचूक फर्मूला सिखाता है | Getting Things Done Summary में आप इस फोर्मुले को जान पायेंगे |

कई बार होता है हम सुबह से शाम तक काम करते रहते हैं | फिर भी जरुरी काम बाकी रह जाता है | जिससे फिर तनाव बढ़ता है | हम सोचते रहते हैं ऐसा क्या करें की सारे जरुरी काम अच्छे से, समय से निपटा लें | और खुद को तनाव रहित और relax कर पायें |

क्या ऐसा संभव है ? तो जवाब है हाँ | डेविड एलन की पुष्तक से आप 5 steps formula जान पायेंगे जो आपकी इस समस्या का समाधान बता देगा |

Author डेविड एलन 30 सालों से कई बड़े बड़े industries में लोगों productivity बढाने की training दे रहें हैं | जिससे लाखों लोगों को फायदा मिला है | इसीलिए इस formula को वो गेटिंग थिंग्स डॉन से प्रकाशित हुयी है |

Getting Things Done Summary

Getting Things Done Summary in Hindi

हमारा दिमाग आईडिया सोचने के लिए बहोत अच्छा है | और ये बना ही है idea generate करने के लिए | पर इन सब ideas को store करके रखने से दिमाग पर दवाब पड़ने लगता है और फिर stress level बढ़ता है | ऑथर केहते हैं हमे अपने दिमाग को सांत पानी की तरह रखना चाहिए | मतलब जितना input उतना ही output |

जब हम एक सरोबर में पत्थर फेकतें हैं तो कुछ बड़े छोटे पानी के bubbles बनते हैं | उसके बाद पानी बिलकुल सांत हो जाता है | और अगर फिर एक बड़ा पत्थर फेके तो थोडा ज्यादा bubbles बनता है, फिर थोड़ी देर में पानी सांत हो जाता है | वैसे ही हमारे दिमाग को होना चाहिए | जो काम है उसे करके खुद को relax रखो |

पर ये हो नहीं पाता क्यों ? जैसे एक कंप्यूटर में कई सारे programs खोल दिए जाए | तो computer धीरे काम करने लगता है | और अगर और ज्यादा program खोलते जाएँ बिना पहले programs को बंद किये | तो अंत में कम्पुटर hang हो जायेगा या crash कर जाएगा |

उसी तरह हमारे दिमाग के साथ होता है | दिन भर हम कितने काम और ideas को सोचते रहते हैं | और उलझे रहते हैं | इतना कुछ करने और सोचने में हम शाम तक थक जाते हैं | और जरुरी कामों को ना निपटा पाते हैं और ना अच्छा कुछ कर पाते हैं | तो चलिए इसका हल जानते हैं अब इस 5 Steps Formula से |

5 Steps Formula (GTD)

ये formula इन 5 steps में बटें हैं जिसे ऑथर mind like water quality भी केहते हैं :

  1. Capture
  2. Process/Clarify
  3. Organize
  4. Review
  5. Engage

1. Capture

इस step में दिमाग में आ रहे सभी कामो, ideas , बातों को कहीं पर लिख लें | जैसे कोई डायरी, या जर्नल में या फिर आपके phone में एक लिस्ट बना लें | हर वो छोटी बड़ी चीजों को लिख लें | इससे आपका दिमाग free हो पायेगा | और ऐसी जगह लिखे जहाँ safe रहे और आप उसे आसानी से देख सको |

लिखने का मुख्य कारण ये है की आप अपने दिमाग को तनाब रहित रख सके | ताकि वो उस वक़्त के कामों में ध्यान दे सके और हर लम्हे को जी सके | जिससे फिर आपकी productivity बढेगी | और ये भी ना सोचें की आप जो ideas या बातें लिख रहे हैं वो अच्छी हैं या बुरी | जब आप सब बातें लिख लेतें हैं तो आपको मौका मिल जाता है खराफ idea को हटाके नए idea लाने में |

2. Process/Clarify

अब लिखी हुयी बातों को एक एक करके चेक करें | लिस्ट बनाने से फायदा तभी होगा जब हम लिखी हर चीजों को clarify करें | देखे की क्या जरुरी है और क्या करना चाहिए | सबके लिए कुछ समाधान निकालें | कुछ बातें बहोत जरुरी होंगे और कुछ बातें बिलकुल बेकार की होगी | वो सबको चेक कर लें |

अब उस लिस्ट को अलग अलग category में बांटना होगा जिसे ऑथर ने एक flow diagram से समझाया है | और इस flow diagram को organize step में समझेंगे |

getting things done process

3. Organize

जो भी काम या ideas आपने लिखा है उसकी लिस्ट को आप inbox या basket बोल सकते हैं | अब लिस्ट के item के लिए action decide करना होगा | क्या वो actionable है या नहीं है ?

non actionable

अगर तुरंत actionable नहीं है तो उन कामों को 3 category में डालना होगा | जो बिलकुल जरुरी नहीं है उसे लिस्ट से निकाल दें मतलब Trash कर दें |

फिर कुछ काम ऐसे होंगे जिसे कभी फुर्सत में करना चाहेंगे जब कुछ पैसे आएंगे या free time मिला तो | इसीलिए उन ideas और कामो को Someday List में डालदें | जैसे आपको कहीं घुमने जाना है या कोई book पढनी है | तो आप उसे SomeDay या MayBe List में डाल दें |

और कुछ ideas या जानकारी ऐसे होंगे जो जरुरी तो होंगे पर तुरंत उसपे काम करना जरुरी नहीं है | जैसे कोई project से जुड़े काम | तो आप उसे Reference List में डालदें | ताकि भविष्य आप इस लिस्ट का इस्तेमाल कर सके और काम में लगा सकें |

GTD System

Actionable काम

अब उन कामों को देखें जो actionable है | कुछ काम ऐसे होंगे जो बस 2 min लगेगें ख़तम करने में | और कुछ ऐसे काम होंगे जो 2 या उससे ज्यादा steps लगेगें | जैसे की कोई office का काम या घर का काम | उन सारे कामों को Project List में डाल दें | उससे कुछ काम ऐसे होंगे जो एक समय सीमा में ख़तम करना होगा | और कुछ काम ऐसे जो तुरंत action लेना जरुरी होगा | तो तुरंत action लेने वाले कामो को Next Action List में डाल दें | और जो काम को एक deadline के अंदर करना है उसे Calendar List में डाल दें |

हो सकता है कुछ काम ऐसे हो जो एक deadline के अंदर करने हो और तुरंत करने हो | तो ऐसे item को Calendar List और Next Action List दोनों में लिख लें | ये सारे काम जो आपको करने हैं उसे Defer List कहते हैं |

अब उन कामों को देखे जो आप किसी और से करवा सकते हैं | या किसीके reply आने के बाद ही सुरु कर सकते हैं | तो उन कामो को Waiting List में डाल दें |

4. Review

ऑथर केहते हैं लोग लिस्ट बना तो लेते हैं | और कामो अपने जरुरत और समय के हिसाब से arrange भी कर लेते हैं | पर गलती ये करते हैं की वो अपने लिस्ट को review नहीं करते | पर ये step बहोत जरुरी है | अगर आपको अपनी productivity बढानी है तो ये review step जरुर लेनी चाहिए |

कम से कम अपने लिस्ट को हफ्ते में एक बार जरुर चेक करें | लिस्ट बनाने के बाद अपने लिस्ट को एक बार review कर लें | उससे आपको अपनी कामो को सही से organize किआ है या नहीं पता चलेगा | आप अपने हिसाब से लिस्ट को review करो | जैसे दिन में एक बार या हफ्ते में एक बार | ऑथर कहते हैं हमे कम से कम हफ्ते एक बार तो review करना ही चाहिए | नहीं तो हम अपने पुराने आदतों में वापस आ जायेंगें और ये सही नहीं होगा |

5. Engage

ये आखिरी step है GTD formula का पर इसे करना सबसे ज्यादा जरुरी है | लोग planning कर लेते हैं पर काम को सुरु करने में टालमटोल कर देतें हैं | इसीलिए लिस्ट में arrange कामों को तुरंत करना सुरु कर दें |

जो काम 2 min में ख़तम हो सकता है उसे तुरंत निपटा दें | और जो काम आपके project list या calendar list में है उसे करना सुरु करदें | ताकि deadline के अंदर आपके जरुरी काम ख़तम हो सके | और आप stress free रह सके |

काम के दौरान आपको और भी नए ideas या काम आयेंगे | आप उन नए ideas या कामो को लिख लें | और देखे की actionable है या नहीं | उसी हिसाब से arrange कर के categorised करदें |

Conclusion सारांस

GTD Formula (Getting Things Done) एक बहोत ही effective तरीका है अपनी productivity लगाने के लिए | जिसे ऑथर डेविड एलन ने कई बड़े बड़े लोगों को train कर के सिखाया है | हां सारे कामो को लिस्ट बनाने में समय तो लगता है | पर यही कुछ मिनट आपके दिन भर के कई घंटे बचा लेते हैं |

अगर आप सुबह लिस्ट बना न पायें तो आप एक दिन पहले रात को सोते समय लिस्ट बना लें | इससे आपको दुसरे दिन कई सारे बातें और ideas को सोचना नहीं पड़ेगा | और आप जो भी काम हाथ में लेंगे उसे पूरा focus के साथ के साथ कर पायेंगे | बिना किसी काम को भूल जाने के चिंता के |

आशा है आपको Getting Things Done Summary से काफी कुछ सिखने को मिली होगी | पूरा summary पढने के लिए धन्यबाद | आप इस book को खरीद के और detail में GTD Formula को समझ सकते हैं, link आपको निचे दीया जा रहा है |

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